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स्वस्थ, सुंदर और चमकती त्वचा पाना हरेक महिला का सपना होता है। साफ रंगत के साथ चमकदार त्वचा का होना स्वस्थ त्वचा का संकेत है, जोकि आपके व्यक्तित्व को आर्कषित करती है। आयुर्वेद में स्वस्थ, सुंदर और चमकदार त्वचा पाने के लिए बहुत तरीके है और यह तरीके बिल्कुल सुरक्षित है क्योंकि इनमें कोई कैमिकल ट्रीटमेंट नहीं होता।

हम सभी के लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर क्यों बढ़ती उम्र और बदलते मौसम में हमारी त्वचा रूखी-सूखी और शुष्क हो जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, इसका मुख्य कारण हमारे शरीर में वात का संचयीकरण है। जब हमारे शरीर में वात आवश्यकता से अधिक होता है तो उसके लक्षण इस प्रकार होते है – जोड़ों में दरार आना, नाखूनों का भूरभूरा होना, बालों का पतला होना, रूखे बाल, रूखी त्वचा इत्यादि।

इसलिए युवा बने रहने का तरीका शरीर में वात का संतुलन बनाए रखना है। नीचे लिए कुछ आयुर्वेदिक टिप्स है जो आपकी त्वचा को सुंदर बनाने में आपकी सहायता कर सकते है :-

अधिक से अधिक सब्जियों का सेवन करें (Eat more vegetables):

प्रतिदिन अधिक से अधिक मात्रा में सब्जियों जैसे – खीरा, गाजर, सलाददार पत्ते, मूली, शतावरी आदि का सेवन करें। इस सब्जियों में पानी की उपयुक्त मात्रा के कारण हमारा पाचक तंत्र स्वस्थ रहता है। यह सब्जियां सभी प्रकार की त्वचा के लिए फायदेमंद होती है।

अपने आहार में नट्स और सीड्स को शामिल करें (Include nuts and seeds in your diet):

आपको अपने आहार में नियमित रूप से नट्स और सीड्स को शामिल करना चाहिए क्योंकि ये वसा, फाइबर और ओमेगा3 से समृद्ध होते है। यह खाद्य पदार्थ वात पाचन को मजबूत बनाते है। बादाम, सूरजमुखी के बीज के साथ अन्य नट्स और बीजों को शामिल करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा विकल्प है।

हर्बल चाय पीये (Drink Herbal Tea):

खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। हर्बल चाय जैसे गर्म पेय पदार्थों को प्राथमिकता दें। नींबू और अदरक वाली मसालेदार चाय भी पी सकते है। इससे न केवल आपकी त्वचा में चमक आएगी बल्कि पाचन तंत्र भी स्वस्थ होगा।

सदैव सक्रिय रहें  (Always be active):

वात संचय को रोकने के लिए नियमित व्यायाम आवश्यक है। योग, जॉगिंग, नृत्य, साईक्लिंग, तैराकी, एरोबिक्स जैसी कुछ गतिविधियों में नियमित भागीदारी से मांसपेशियों और जोड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है साथ ही विषाक्त पदार्थ पसीने के रूप में शरीर से बाहर आते है। नियमित शारीरिक गतिविधियां पाचन तंत्र, रक्त परिसंचरण में सुधार करती है। साथ ही चेहरे पर एक स्वस्थ चमक उत्पन्न करती है।

आयुर्वेद पर विश्वास रखें  (Trust Ayurveda):

त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है और यह हमारे बाह्य रूप की देखभाल के योग्य है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए त्वचा के अनुकूल उत्पाद का चयन करना महत्वपूर्ण है। कैमिकलयुक्त उत्पाद कुछ देर के लिए आपकी त्वचा को चमकदार बना सकते है लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल करने से यह त्वचा को नुकसान पहुंचाते है। जब स्वभाविक रूप से स्वस्थ त्वचा की बात की जाएं तो उत्तर केवल एक ही आता है आयुर्वेद। बात करते है आयुर्वेदिक रूप मंत्रा फेसवॉश (Roop Mantra Facewash) की, जिसमें जड़ी-बूटियों का अद्भुत मिश्रण है जो त्वचा को गहराई से साफ कर स्वस्थ बनाता है। आयुर्वेदिक रूप मंत्रा क्रीम (Roop Mantra Ayurvedic Cream) पूरे परिवार के लिए संपूर्ण आयुर्वेदिक समाधान है। यह त्वचा को तरोताजा कर पोषण प्रदान करता है जिससे त्वचा स्वस्थ बनती है। इतना ही नहीं, दाग धब्बे, मुंहासें, फोड़ें, त्वचा संक्रमण आदि से भी त्वचा की रक्षा करता है।

स्वस्थ और चमकती त्वचा के लिए आयुर्वेदिक स्किन केयर टिप्स – Skin Care Tips For Glowing Skin In Hindi
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